Leadership Messages

President's message

leader

चंद्रसैन जैन , अध्यक्ष

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मैं अत्यन्त सौभाग्य शाली हूँ कि मुझे एक ऐसे विद्यालय परिवार का सदस्य बनने का सुअवसर प्राप्त हुआ है जो शहर का एक प्रतिष्ठित भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से प्रेरित शिक्षा देने का अत्यन्त पुनीत कार्य कर रहा हैं।

आज हमारी सभ्यता एवं संस्कृति, हमारे संस्कार, हमारे आदर्श धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। हम पाश्चात्य संस्कृति की चकाचोंध से प्रभावित होकर अपने नैतिक मूल्यों को भूलते जा रहे हैं। हमारे आदर्श, संस्कार, संस्कृति, नैतिक मूल्य हमारे लिए गर्व ही नहीं गौरव का विषय हैं। इनके साथ हम जुडे रहे इसी उद्देश्य को लेकर शिक्षा भारती संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में निरन्तर प्रगतिशील हैं। इस संस्थान का प्रत्येक छात्र शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान, अनुशासन-प्रिय, आत्मविश्वासी एवं आत्म सम्मान के साथ जीवन की उच्चतम उपलब्धियों को हासिल करे। वह परिवार, समाज एवं राष्ट्र के प्रति पूर्णतया निष्ठावान एवं समर्पित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करे। यही शिक्षा भारती संस्थान का एक मात्र उद्देश्य हैं। आप जिस स्नेह एवं विश्वास के साथ अपने घर की कली को हमें सौपते हैं, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि हमारा संस्थान उस कली को एक ऐसा विकसित पुष्प बनाने का प्रयास करेगा जो पूरे समाज को एवं राष्ट्र को गौरवान्वित करेगा।

सन् 1980 में लगाया गया एक छोटा-सा पौधा आज एक विशाल वृक्ष का रूप धारण कर चुका हैं। ये सब आप सभी के स्नेह, आशीर्वाद एवं शुभकामनाओं की देन हैं।

आप सभी का अमूल्य सहयोग एवं कुशल मार्गदर्शन भविष्य में भी प्राप्त होता रहैगा। इसी आशा एवं आकांक्षा के साथ…

शुभकामनाओं सहित

Manager's message

leader

डॉ युद्धवीर सिंह , प्रबन्धक

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आज सम्पूर्ण संसार प्रगति की स्पर्धात्मक दौड़ में अनवरत भाग रहा है। स्पर्धा की इस दौड़ में हम अपने नैतिक मूल्यों, अपने संस्कारों को भूलते जा रहे हैं। अत: आवश्यकता है-अपने संस्कारों को, अपनी संस्कृति को जीवन्त रखने की। ये मेरा परम् सौभाग्य है कि मुझे ऐसे विद्यालय में प्रबन्धक के दायित्व निर्वहन का सुअवसर मिला है जो भारतीय संस्कारों से युक्त शिक्षा देकर छात्रों के सर्वागीण विकास की ओऱ अग्रसर है। हमारा विद्यालय विद्यार्थी को एक ऐसा चरित्रवान, देेशभक्त नागरिक बनाने के लिए कृत संकल्प है जो देश को सम्पूर्ण विश्व का सिरमौर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके।

मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान से प्रेरित शिक्षा भारती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अपने इस दायित्व को अत्यन्त कुशलतापूर्वक निभाने में सफलता प्राप्त करेगा। इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त छात्र न केवल अपने परिवारिक दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वाह करने में कामयाब होगे अपितु अपने सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व को भी कुशलता पूर्वक निभायेगें ।

मेरी परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि विद्यालय दिन-दुगनी, रात-चौगुनी उन्नति करे ।

इन्हीं शुभकामनाओं सहित ।

Principal's message

leader

डॉ. संजय कुमार , प्रधानाचार्य

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वर्ष 2016-17 का सत्र सफलतापूर्वक समाप्त कर हम नये सत्र की ओऱ बढ़ रहै है। पिछले वर्ष की सफलता पर आप सभी को हार्दिक बधाई तथा आगामी सत्र के लिए शुभकामनाएँ।

मानव जीवन क्रो विकसित करने के लिए शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिसके ट्ठारा देश अपने हजारों साल की संस्कृति को संजोकर एवं भविष्य में दुनिया के विकसित देशों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकेगा ।वर्तमान युग प्रतिस्पर्धा का युग है और इस युग में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को बहुआयामी प्रतिभा का धनी होना चाहिए। हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि लोग उसे एक सफल व कामयाब व्यक्ति के रूप में जानें, पहचाने व मानें। परन्तु सफलता के ये मानक आधुनिक युग में केवल भौतिक संसाधनों तक ही सीमित हो गए हैं, जो अन्तत: सफलता के वास्तविक अर्थों से पृथक हो जाते हैं। हमारा भारतीय चिंतन विश्व में श्रेष्ट चिन्तन रहा है जो स्वयं को नहीं परहित को प्राथमिकता देता है। उसी चिन्तन के अनुसार वास्तविक सफलता वही होगी जिससे परहित के कार्य सिद्ध हो सके। इस प्रकार की सफलता प्राप्ति के लिए भौतिक उन्नति के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति भी अत्यावश्यक है। आध्यात्मिक उन्नति के बिना केवल भौतिक उन्नति स्वकेन्द्रित तथा विनाशकारी सिद्ध हो सकती है। अत: आध्यात्मिक उन्नति हेतु व्यक्ति का मानसिक, बौद्धिक विकास आवश्यक है जो स्वच्छ साहित्य के पठन-पाठन और अपने श्रेष्ठ ऋषि-मुनियों तथा पूर्वजों क्री श्रेष्ठ परम्पराओं के अनुसरण के द्धारा संभव है। इनके माध्यम से सर्वागीण विकास के इस पवित्र कार्य में विद्यालय परिवार प्रयासरत है।

इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विद्यालय में समय-समय अनेक प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इन गतिविधियों के सफल संचालन में आचार्यो का कुशल मार्गदर्शन एवं विद्यार्थियों की सराहनीय भूमिका रहती है। विद्यालय दिनो-दिन उन्नति को बुलंदियों को छुए। इसी आशा और विश्वास के साथ अंत में केवल इतना ही कहना चाहूंगा-

परेशानियो से भागना आसान होता है,
हर मुश्किल जिन्दगी में एक इम्तिहान होता है।
हिम्मत हारने वालों को कुछ नहीं मिलता जिन्दगी मेँ,
मुश्किलों से लड़ने वालों के कदमों में ही तो जहां होता है।

शुभकामनाओं सहित ।